का शी की संकरी गलियों में उस समय एक ऐसा नाम गूंजता था, जिसे सुनकर कुछ लोगों की आँखों में श्रद्धा आ जाती थी और कुछ के मन में सवाल। वो नाम था तैलंग स्वामी। लोग उन्हें संत कहते थे, कुछ उन्हें “चलते-फिरते शिव” मानते थे, और कुछ के लिए वो एक ऐसे रहस्य थे जिसे समझ पाना संभव नहीं था। लेकिन उनके जीवन से जुड़ी एक घटना ऐसी है, जिसने सिर्फ आम ल…
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